Tuesday, September 10, 2013

 जो खुद को  न  जान  पाया 
  वो क्या सहारा बनेगा 
                अपने कर्मों  का बॊझ  न ढो  पाया 
   वो किसी के लिए क्या करेगा 
  भगवान को जो बाँटते  हो 
  वो क्या धर्म निभाएंगे 
                खुद अपनी नौका जो न पार लगा पाए 
                वो डूबते के लिए तिनका क्या बन पाएंगे 
पर फिर भी अहंकार के शिखर पर बैठे है 
अनजान है इस बात स से ये क्या कर बैठे  है 
               मन की शक्ति का अभाव 
               कैसे मधुरता लायेगा 
एक पक्ष से जीवन जीना 
यही तात्पर्य रह जायेगा 
                जैसे मछली  तीनो पहर  नहाती 
                 फिर भी न दुर्गन्ध है जाती 
जैसे  पूजा बिन हो योगी 
साधना पूरी कैसे होगी 
                 जन्म लिया तो जीना होगा 
                 सबको एक समान  समझना होगा 
             

              
                 

Friday, September 6, 2013

उड़ने  की चाहत नहीं
आसमान किसको चाहिए
              आगे बढ़ने के लिए
               द्रढ़ता की सड़क चाहिए
विशवास  के पहियों पर
जिंदगी के रथ को
स्वाभिमान से सजा कर
प्रेम का सारथी  साथ चाहिए

उड़ने के लिए आसमान  किस को  चाहिए। …
         ज़मीन पर  ही रहकर
         तीव्र  गति  की तमन्ना  है
         शांति  और सामर्थ  की  परिपूर्णता  है
पर  ये  सफ़र  अकेले 'जीवन रथ '
से तय  नहीं होगा
शौर्य ,धेर्य ,प्रेम,विश्वास से
रास्ता आसान  होगा
           कठिन  राह  भी
           आसान  हो जाती  है
           जब किस्मत  और  मेहनत  की
           लगाम  हाथ  आती  है
बस एक सादा  जीवन  चाहिए
उड़ने  के  लिए आसमान  किस को  चाहिए। …।



Wednesday, September 4, 2013

Happy Teacher's Day!

मेरी बातों  को सही वाक्यों में सजाया ,
जिन्होंने  हमे पढना सिखाया 
            समाज में जीने का रुतबा  बताया 
            अपने आप से नज़रे मिलाना सिखाया 
एक घड़े की तरह सही आकार बनाया 
कीचड़ में कमल की तरह खिलना सिखाया 
            कभी हँसाया  तो कभी रुलाया 
            मात्र भाषा से ले कर विदेशी विज्ञान  बताया 
संगीत हो या नृत्य ,खेल हो  या कोई प्रतियोगिता 
साथ हमेशा रहा टीचर्स का हाथ 
            नम्बरों की दोड़  न सिखाई हमे 
            सिर्फ दिखाई राह सच्चाई 

             

Tuesday, September 3, 2013

QUIZ TIME !!

A watch which gains 5 seconds in 3 minutes was set right at 7 a.m. In the afternoon of the same day, when the watch indicated quarter past 4 o'clock, What is the True time?