Tuesday, August 5, 2014

Wrote some lines in morning today:
Sharing with all of you -
कुछ ने कहा जिंदगी है गम का एक समंदर,
कुछ ने कहा ये एक खुबसूरत तोहफा है,
हमने जाना कि जिंदगी तो बस एक अफवह है|
कोई तशतरी में परोसता है तो कोई मैदानों में तलाश्ता है जिंदगी,
कोई ओर्रो में दूंद्ता है, कोई खुदा में शायद पाता है जिंदगी|
किसी को मिल जाने का गुमान और किसी को दूंद्ते रहने का,
मिल गयी तो भी पनाह नही देती, ना मिलें तो बेआराम||
क्यों चाहता है इतना यारब तू इस शै को?
छोड़ दे ये तलाश और कुछ फुर्सत से बो इस जिंदगी को||


Anand

Sunday, July 13, 2014



Award Nite

कल रात सोने से पहले 
कुछ गुस्सा और कुछ हंसी आई 
अपने  लिए  अवार्ड और रिवॉर्ड याद आये 
     बात कुछ यूं  है कि 
     हर किसी  को उसके काम पर 
     अवार्ड दिया जाता है 
हमने भी ख्यालो  में 
"अवार्ड नाईट " सजाई 
             यूं तो अवार्ड हम  लेते नहीं 
             पर लोग हमे गलती से देते भी नहीं 
होता ऐसा है कि कभी  काम वाली बाई छुट्टी मनाये 
तो समझो हमारी शामत आई 
              एक दिन बोल कर लेती हैं मैडम छुट्टी चार 
              पूछो तो कहती है कि पैसे लीजिये काट 
उसकी जगह हमने  जो अपने  जी और जान  जलाये 
काश!  उसके लिए हमें  कोई हिम्मत का रिवॉर्ड  दिया जाये 
               पति करते ऑफिस में काम  5 -10 -15  साल 
               कंपनी देती उन्हें उनकी नौकरी का अवार्ड 
रिवॉर्ड भी मिले उन्हें
हर साल प्रमोशन ,हाईक और बोनस  साथ
जिस  बन्दे को घर से तैयार करके
नौकरी के लिए भेजे  बीवी हर दिन यार
जिसकी सेहत का पूरा  रखे ध्यान
ऑफिस कि बातें सुने और करे साथ-साथ 10  काम
                      ऐसी "unemployed employee " के लिए नहीं कोई "AWARD "
                       हर सुख दुःख कि साथी ,घर को मंदिर बनती
                       हर निर्णीय  में  सोच समझ कर जो देती साथ
                       उस नारी के लिए कोई नहीं "रिवॉर्ड "
पैदा  होने से पहले और बच्चों  के जन्म के बाद
दिया जाता केवल पतियों  और डॉक्टरों  को धन्यवाद
              अगर बच्चा जाये माँ पर
               तो दुनिया निकाले खामियां चार
                यहाँ भी अपनी बारी  नहीं आती है
                जबकि जन्म देते  समय नारी
                मौत  से लड़ कर वापिस आती है.........continue.....

Tuesday, June 3, 2014

How to play?
Do you know?
How to play?
This game. 
You need nerve
You need steel
You need sane
Do you know?
How to play?
This game
Game of love
Game of power
Game of slay
Do you know?
How to play?
This game
You get killed
Egos borne 
But you stay
Do you know?
How to play?
This game
Game of life
Game of sleigh
Game of prey
Do you know?
How to play?

Wednesday, December 11, 2013

Ek kadam aur!

एक कदम बस एक कदम और
यही सोंच  है हमारी
हर पल के साथ
एक नयी उम्मीद
कामयाबी है हमारी
कंकरों के चुबने से
न रास्ता बदलेंगे
हर कदम में विश्वास
ताक़त है हमारी
कोशिशे  कामयाब होती हैं
यही फ़ितरत  है हमारी !

Tuesday, September 10, 2013

 जो खुद को  न  जान  पाया 
  वो क्या सहारा बनेगा 
                अपने कर्मों  का बॊझ  न ढो  पाया 
   वो किसी के लिए क्या करेगा 
  भगवान को जो बाँटते  हो 
  वो क्या धर्म निभाएंगे 
                खुद अपनी नौका जो न पार लगा पाए 
                वो डूबते के लिए तिनका क्या बन पाएंगे 
पर फिर भी अहंकार के शिखर पर बैठे है 
अनजान है इस बात स से ये क्या कर बैठे  है 
               मन की शक्ति का अभाव 
               कैसे मधुरता लायेगा 
एक पक्ष से जीवन जीना 
यही तात्पर्य रह जायेगा 
                जैसे मछली  तीनो पहर  नहाती 
                 फिर भी न दुर्गन्ध है जाती 
जैसे  पूजा बिन हो योगी 
साधना पूरी कैसे होगी 
                 जन्म लिया तो जीना होगा 
                 सबको एक समान  समझना होगा 
             

              
                 

Friday, September 6, 2013

उड़ने  की चाहत नहीं
आसमान किसको चाहिए
              आगे बढ़ने के लिए
               द्रढ़ता की सड़क चाहिए
विशवास  के पहियों पर
जिंदगी के रथ को
स्वाभिमान से सजा कर
प्रेम का सारथी  साथ चाहिए

उड़ने के लिए आसमान  किस को  चाहिए। …
         ज़मीन पर  ही रहकर
         तीव्र  गति  की तमन्ना  है
         शांति  और सामर्थ  की  परिपूर्णता  है
पर  ये  सफ़र  अकेले 'जीवन रथ '
से तय  नहीं होगा
शौर्य ,धेर्य ,प्रेम,विश्वास से
रास्ता आसान  होगा
           कठिन  राह  भी
           आसान  हो जाती  है
           जब किस्मत  और  मेहनत  की
           लगाम  हाथ  आती  है
बस एक सादा  जीवन  चाहिए
उड़ने  के  लिए आसमान  किस को  चाहिए। …।



Wednesday, September 4, 2013

Happy Teacher's Day!

मेरी बातों  को सही वाक्यों में सजाया ,
जिन्होंने  हमे पढना सिखाया 
            समाज में जीने का रुतबा  बताया 
            अपने आप से नज़रे मिलाना सिखाया 
एक घड़े की तरह सही आकार बनाया 
कीचड़ में कमल की तरह खिलना सिखाया 
            कभी हँसाया  तो कभी रुलाया 
            मात्र भाषा से ले कर विदेशी विज्ञान  बताया 
संगीत हो या नृत्य ,खेल हो  या कोई प्रतियोगिता 
साथ हमेशा रहा टीचर्स का हाथ 
            नम्बरों की दोड़  न सिखाई हमे 
            सिर्फ दिखाई राह सच्चाई