हां आज भी याद आती है स्कूल की ,
वो पढाई ,शैतानी सब याद आती है
वो सुनहरी ज़िन्दगी के चमकीले लम्हे
वो बचपना , वो नादानीयत ,
सब याद आता है,
बार -बार सताता है
कि एक बार और काश बचपन मिल जाए ,
फिर स्कूल में दाखिला मिल जाए
बस एक बार ,मुझे स्कूल जाने की इज़ाजत मिल जाये
पुराने दोस्त और शिक्षक मिल जाये
इस बार जी भर कर
मस्ती करी जाएगी
जो तब नहीं कर पाए
वो इस बार करा जायेगा
हाँ आज भी याद आती स्कूल की.…
